Ravi Tiwari, youth leader of the BJP in Delhi: सरकार के गंगा सफाई मिशन का महत्वपूर्ण संवाद

नमामि गंगे मिशन: एक नई सोच, एक नई दिशा

BJP Delhi के युवा एवं उभरते हुए नेता Ravi Tiwari ने मोदी सरकार द्वारा चलाये जा रहे 'नमामि गंगे' मिशन के सम्बन्ध में लोगों में जागरूकता फैलाई और कहा कि सरकार अपने स्तर से गंगा नदी का कायाकल्प करने की कोशिश तो कर ही रही है साथ में लोगों से भी अपील की कि आप लोग गंगा नदी में गन्दगी न फैलाकर उसे साफ रखें। सरकार के इस महत्वपूर्ण कार्य में अपना योगदान दें। आप सभी के समक्ष उनके साथ बातचीत के प्रमुख अंश:

 

भारत देश में नदियों को जीवनदायिनी कहा जाता है। नदियों के जल से सिंचाई और खेती जैसी व्यवस्थाओं को संभाला जाता रहा है और भारत में नदियों का धार्मिक महत्व भी बहुत ज्यादा है। भारत में नदियों का जाल सा बिछा हुआ है और जल सम्पदा की दृष्टि से यह एक उन्नत राष्ट्र है। सभी नदियों में श्रेष्ठ गंगा को भारत की जीवन रेखा भी कहा जाता है। 

 

गंगा नदी का न सिर्फ आर्थिक और भौगोलिक महत्व है अपितु गंगा नदी का एक धार्मिक और आध्यात्मिक महत्त्व भी है। मोक्षदायिनी जीवन दायिनी जैसे कई अन्य नामों से माँ गंगा को पुकारा जाता है। परन्तु भारत में जिस नदी को माँ का दर्जा हासिल है उसी भारत में गंगा नदी की दुर्दशा किसी से भी ढकी-छिपी नहीं है, यह नदी स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात् काफी हद तक राजनितिक अवहेलना का शिकार रही है। 

 

2014 में नरेंद्र मोदी जी को भारतीय जनता पार्टी से प्रधानमंत्री पद का दावेदार चुना गया और उन्होंने वाराणसी से चुनाव लड़ने का निर्णय लेकर समस्त भारत की जनता तक यह सन्देश पहुँचाने की कोशिश की कि उनके कार्यकाल में गंगा नदी को साफ एवं स्वच्छ करने के कार्य पर बहुत ही गंभीरता से विचार किया जायेगा और उस पर उतनी ही तेज गति से जमीनी स्तर पर कार्य भी किया जायेगा। 

 

आज मोदी जी का यह प्रयास गंगा नदी को स्वच्छ करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। 2014 से तुलनात्मक रूप से देखा जाये तो गंगा नदी की स्थिति में एक निर्णायक एवं सकारात्मक परिवर्तन आ चुका है। अभी इस सम्बन्ध में काफी कार्य करना शेष है जिसकी हम शीघ्र ही पूर्ण होने की कामना करते है।

 

इस मिशन के अंतर्गत, भाजपा सरकार ने एक नई सोच और नई दिशा के साथ कई पहलों को शुरू किया है। 'नमामि गंगे मिशन' को सिर्फ मां गंगा की साफ-सफाई तक ही सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे देश का सबसे बड़ा और विस्तृत नदी संरक्षण कार्यक्रम बनाया गया है।

 

नमामि गंगे मिशन के तहत, 35,415 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं शुरू की गई हैं। इन परियोजनाओं में से कई नए तकनीकी उपायों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे स्वच्छता के मामले में सुधार हो रहा है। गंगा के किनारे स्थित गाँवों को स्वच्छ और शौच मुक्त बनाने के लिए सरकार ने विभिन्न जल योजनाएं शुरू की हैं। इसके अलावा, गंगा के अनुप्रयाग में भारतीय नदी संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न तकनीकी और वैज्ञानिक उपायों का भी समर्थन किया जा रहा है।

 

इस मिशन के अंतर्गत भारत सरकार ने सार्वजनिक सहमति और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए सभी स्तरों पर लोगों को जागरूक करने का कार्य किया है। इससे लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और उन्हें गंगा मां की सुरक्षा और सफाई में अपना योगदान देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

 

सारांशतः, नमामि गंगे मिशन एक ऐतिहासिक कदम है जो भारतीय सभ्यता के एक महत्वपूर्ण हिस्से को सुरक्षित रखने और आने वाली पीढ़ियों को साफ़ और स्वस्थ आसपास के पर्यावरण के प्रति सजग करने के लिए किया जा रहा है। भाजपा सरकार की नई सोच और नई अप्रोच ने इसे एक मानवकल्याणकारी पहल के रूप में उभारा है, जिससे आने वाली पीढ़ियां एक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।