Delhi Politics/News: अगर जाँच एजेंसी गलत हैं, तो केजरीवाल कोर्ट जाएं? - Ravi Tiwari, BJP Delhi

भाजपा दिल्ली (BJP Delhi) के प्रमुख नेता रवि तिवारी (youth leader Ravi Tiwari) ने शराब घोटाले पर केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को घेरते हुए कहा कि अगर जाँच एजेंसिया गलत है तो उन्हे कोर्ट जाकर सारे सुबूत और दलील पेश करनी चाहिए।

 

Delhi Politics/News: भारतीय जनता पार्टी (BJP Delhi) दिल्ली के युवा नेता रवि तिवारी (youth leader Ravi Tiwari) ने कहा कि शराब घोटाला मामले में केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को ज्ञात हो चुका है कि उन्होंने जो शराब घोटाले में भ्रष्टाचार का काला खेल किया है। उसमे अब उनका जेल जाना तय है। इसलिए शायद वह ईडी के समन पर उपस्थित नहीं हो रहे हैं। हर बार की तरह इस बार भी एक बहाना बनाकर ईडी की पूछताछ से बच रहे हैं।

 

भाजपा दिल्ली (BJP Delhi) के युवा नेता रवि तिवारी (youth leader Ravi Tiwari) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की सरकार ईमानदारी की पर्याय है। भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की अगुआई में केंद्र सरकार ने पिछले दस वर्षो में ईमानदारी की नई मिसाल पेश की है। मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत काम किया है। घोटाला एवं भ्रष्टाचार करने वालों पर कार्यवाही सुनिश्चित है। इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की फेरबदल की गुंजाईश नहीं हो  सकती है।

 

भाजपा दिल्ली (BJP Delhi) के युवा नेता रवि तिवारी (youth leader Ravi Tiwari) ने तंज कसते हुए कहा कि अरविन्द केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को भ्रष्टाचार में दक्षता का अवार्ड मिलना चाहिए। बल्कि उन्हें तो इस अवार्ड शो का मुख्यातिथि बनकर आना चाहिए। देशभर एवं विपक्ष के सभी नेताओं को उनसे सीखना चाहिए कि कैसे ईमानदारी का चोला ओढ़कर भ्रष्टाचार और घोटाले जैसे मिशन को अंजाम दिया जाता है। सभी को केजरीवाल से यह भी सीखना चाहिए कि कैसे दुनिया भर के कुकर्म करने के बाद और आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे रहने के बाद भी बेशर्मी से मीडिया के सामने अपने आपको ईमानदार नेता कहने का आत्मविश्वास पैदा किया जाये। कैसे देश की आम जनता के सामने मीठी-मीठी बातों का जाल बुना जाये।

 

भाजपा दिल्ली (BJP Delhi) के युवा नेता रवि तिवारी (youth leader Ravi Tiwari) ने केजरीवाल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि कोई अराजकता का पर्याय, जिसके डीएनए में ही अराजकता, भ्रष्टाचार एवं कमीशनखोरी में माहिर है तो वह इस कला में माहिर, अद्वितीय, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ही हैं। ईडी (ED) के समक्ष प्रस्तुत होकर पूरे तर्कों एवं सुबूतों के साथ जवाब न देकर वह ईडी को ही कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। यह तो वही कहावत चरितार्थ हो गयी कि उल्टा चोर कोतवाल को डांटे। यदि केजरीवाल ने शराब घोटाला नहीं किया है तो वह ईडी के समक्ष प्रस्तुत क्यों नहीं हो रहे हैं, वह सवालों का जवाब देने कोर्ट क्यों नहीं जा रहे हैं?

 

भाजपा दिल्ली (BJP Delhi) के युवा नेता रवि तिवारी (youth leader Ravi Tiwari) ने केजरीवाल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ईडी समन पर समन भेज रही है और उनकी तरफ से कोई भी जवाब नहीं आ रहा है, कभी गोवा चले जाते हैं कभी किसी चुनावी यात्रा का बहाना बनाकर सवालों के जवाब देने से बचने का प्रयास कर रहे हैं।

 

यदि केजरीवाल को लगता है जाँच एजेंसिया अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल कर रही हैं, उन्हें अनावश्यक ही फंसाया जा रहा है तो वह कोर्ट जाकर पूरे साक्ष्य और दलील के साथ पेश होकर ईडी के दावों को ध्वस्त क्यों नहीं कर देते। क्या उन्हें देश की अदालत एवं कानून-व्यवस्था पर भरोसा नहीं है? या फिर उनके मन में चोर बैठा हुआ है कि अगर ईडी के सामने पड़ गए तो उनकी चोरी पकड़ी जाएगी।