मोदी सरकार में 9 वर्षों में कितने मेडिकल कॉलेज बने? Young leader of the BJP Delhi, Ravi Tiwari

Delhi News: भारतीय जनता पार्टी दिल्ली (BJP Delhi) के प्रमुख नेता रवि तिवारी (Ravi Tiwari) ने बताया कि 9 वर्षों में मोदी सरकार ने 387 नये मेडिकल कॉलेज बनाये हैं। मोदी सरकार में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गयी है। मोदी की अगुवाई वाली केन्द्र सरकार में चिकित्सा शिक्षा को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज में सीटों की संख्या बढ़ाई गयी है। राज्यसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने जवाब देते हुए यह आंकड़ा सार्वजनिक किया था और बताया था कि भारत में जनसंख्या के घनत्व को देखते हुए सरकार ने देश में मेडिकल कॉलेज बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया और 2014 से लेकर अब तक मेडिकल कॉलेजों की संख्या में 82 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है। रवि तिवारी (Ravi Tiwari) ने उक्त बातें जनता से कहीं।

 

स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प मोदी जी ने 2014 में ही ले लिया था। यदि भारत को विश्व पटल पर अपना प्रभुत्व बनाना है तो मेडिकल क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना ही पड़ेगा। भारत की जनसंख्या के अनुपात में देश की स्वास्थ्य व्यवस्था लचर तो थी ही, जैसे 2014 के पहले देश में किसी भी प्रकार की मेडिकल इमरजेंसी होती थी तो भगदड़ सी मच जाती थी।

 

भारतीय जनता पार्टी दिल्ली (BJP Delhi) के प्रमुख नेता रवि तिवारी (Ravi Tiwari) ने बताया कि भारत ने मोदी जी के शासनकाल में यह सुनिश्चित करा कि चिकित्सा के क्षेत्र में किसी भी अन्य देश पर निर्भर न रहना पड़े। बल्कि हम छोटे-2 देशों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा निर्यात कर सकें। इसी सारी चीजों को ध्यान में रखते हुए देश में नये मेडिकल कॉलेज का निर्माण, सीटों की संख्या में वृद्धि, अन्य कई प्रकार की मेडिकल योजना जैसे आयुष्मान भारत योजना को लागू करने का काम किया गया। ताकि देश को चिकित्सा के क्षेत्र में किसी भी अन्य देश पर निर्भर न रहना पड़े और देश आत्मनिर्भर बन सके।

पीजी की सीटों में कितनी वृद्धि?

 

भारतीय जनता पार्टी दिल्ली (BJP Delhi) के प्रमुख नेता रवि तिवारी (Ravi Tiwari) ने बताया कि राज्यसभा में लिखित तौर पर एक यह भी प्रश्न पूछा गया कि मोदी जी के शासनकाल में पीजी मेडिकल सीटों की संख्या में 2014 से कितनी वृद्धि हुई है। जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि देश में एमबीबीएस की सीटें 51,348 से बढ़कर 1,08,940 हो गई हैं। पीजी सीटें 31,185 थीं जो कि अब बढ़कर 70,674 हो चुकी हैं। देश में पीजी मेडिकल सीटों की संख्या में 127 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है।

 

भारतीय जनता पार्टी दिल्ली (BJP Delhi) के प्रमुख नेता रवि तिवारी (Ravi Tiwari) ने बताया कि देश के अंदर चिकित्सा क्षेत्र में बुनियादी ढाँचे के सुधार कार्य को सिर्फ मेडिकल कॉलेजों तक ही सीमित नहीं रखा जा रहा है। इन कॉलेजों से पढ़कर आधुनिक डॉक्टर तैयार किये जाएंगे जो कि वैश्विक स्तर पर प्रतिभागी बनने के योग्य होंगे जो कि न सिर्फ अपने देश में बल्कि अन्य देशों में जाकर भी अपनी सेवाएँ प्रदान करेंगे। मोदी सरकार में समाज के अंदर भी स्वास्थ्य के क्षेत्र में बुनियादी ढाँचे के सुधार कार्य में बल दिया गया है। आयुष्मान योजना उन्हीं में से एक है, ऐसी ढेर सारी योजनाएँ केन्द्र सरकार द्वारा चलाई जा रही हैं। जो कि देश की जनता को प्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुँचा रही हैं। इस योजना के माध्यम से कोई भी कार्ड धारक 5 लाख तक का इलाज मुफ्त करा सकता है। आयुष्मान भारत योजना के तहत नियमित अंतराल पर स्वास्थ्य मेला का आयोजना होता रहता है, जिसमें आये हुये सभी लोगों का जाँच करवाकर निःशुल्क इलाज किया जाता है। यह सारी चीजें देश के लोगों को विश्व स्तर की चिकत्सा सेवा प्रदान करने के लिये किया जाता है।

 

भारतीय जनता पार्टी दिल्ली (BJP Delhi) के प्रमुख नेता रवि तिवारी (Ravi Tiwari) ने यह सब बातें कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए बताई और कहा कि मोदी जी के शासनकाल में देश चिकित्सा क्षेत्र में सफलता के नये आयामों को छू रहा है। निकट भविष्य में भारत चिकित्सा क्षेत्र में भी एक महाशक्ति बनकर उभरेगा। कोरोना के समय भी हमने देखा कि दुनिया की बड़ी-2 अर्थव्यस्था और अत्याधुनिक मेडिकल ढाँचा रखने वाले देशों में भयंकर तबाही हुई, परन्तु भारत में अपेक्षाकृत कम संसाधनों के बावजूद कोरोना से सबसे कम नुकसान हुआ।