प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्ज्वला योजना के तहत निःशुल्क गैस कनेक्शन देकर बदला महिलाओं का जीवन- Ravi Tiwari

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्जवला योजना के तहत 11 करोड़ से अधिक निःशुल्क गैस कनेक्शन बाँटे। इस योजना से ग्रामीण एवं विशेषकर गरीब महिलाओं के जीवन में बदलाव आया है। बीजेपी नेता रवि तिवारी ने ये बातें कहीं।

 

भारत देश का नागरिक होने के नाते हम सभी को पीएम मोदी जी के इस कदम का स्वागत किया जाना चाहिए कि उन्होंने गरीब महिलाओं के जीवन में कुछ सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास किया। LPG सिलेंडर न होने की वजह से हमारी ग्रामीण महिलाओ को भोजन पकाने में बहुत सी समस्याओ का सामना करना पड़ता था। मिट्टी के चूल्हे में खाना बनाने से धुँए की समस्या होती थी। इसमें समय भी ज्यादा लगता था और सबसे महत्वपूर्ण बात पहले लकड़ी का इंतजाम करना पड़ता था, जिसके लिए कभी-२ जंगल की ओर भी रुख करना पड़ता था। सिर्फ खाना पकाने भर में ही सारा दिन खर्च हो जाता था। लकड़ी बिनने जाने में जान का खतरा सो अलग।

 

प्रधानमंत्री मोदी ने उज्ज्वला योजना के तहत निःशुल्क LPG कनेक्शन देकर महिलाओ को इन सारी समस्याओं से छुटकारा दिलाया। अब महिलाएँ अपना अमूल्य समय कुछ उत्पादक कार्य में लगाकर अपनी जीविका को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं। अब महिलाओ को जंगल जाकर लकड़ी बटोरने और धुंए की चिक-चिक से राहत मिल चुकी है। गर्व एवं सम्मान के साथ अब अपने खाली समय को उत्पादकता बढ़ाने में लगा रही हैं।

 

पूरे भारत में 11 करोड़ से अधिक महिलाएँ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के इस महाभियान की साक्षी बनीं। उज्जवला योजना ने देशभर के अंदर 11 करोड़ से अधिक महिलाओं के जीवन में आमूलचूल परिवर्तन किया और उन्हें आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में एक सफल प्रयास किया।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्ज्वला योजना की शुरुआत करी। इसके पीछे पीएम का लक्ष्य था एक एक सशक्त समाज बनाने का। जो कि बिना महिलाओं के हाथ में शक्ति दिए नहीं हो सकता है। हमारी महिलाएँ लकड़ी के चूल्हे में खाना पकाती थीं और उसके धुँए से उन्हें और उनके परिवार को स्वास्थ्य का खतरा बना रहता था। खाना बनाते समय महिलाएँ चूल्हे से निकलने वाले धुंए की वजह से खांसने लगी थी।

 

जो कि किसी भी लिहाज से शरीर के लिए अच्छा नहीं था। यदि घर की महिलाओं का स्वास्थ्य ही सही नहीं होगा तो फिर पूरे घर की बुनियाद हिल जाएगी और यह समस्या एक घर से निकलकर पूरे समाज के लिए बीमारी बन जाएगी। उज्ज्वला योजना ने इन सभी महिलाओ को खतरनाक धुंए से राहत देकर एक स्वस्थ समाज और शक्तिशाली राष्ट्र की नींव रखी।