SP leader Shivpal Yadav supports masscare of Karsevak in Ayodhya- Ravi Tiwari, Youth leader of the BJP Delhi

भाजपा दिल्ली (BJP Delhi) के युवा नेता रवि तिवारी (Ravi Tiwari) ने सपा (SP) नेता शिवपाल सिंह यादव (SP leader, Shivpal Singh Yadav) के द्वारा कारसेवको पर गोली चलाने के समर्थन में बयानबाजी को शर्मनाक बताया और कहा कि राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा से पहले इस तरह के बयान बेतुके हैं।

क्या कहा था शिवपाल यादव ने?

 

भाजपा दिल्ली (BJP Delhi) के नेता रवि तिवारी (Ravi Tiwari) ने शिवपाल को लताड़ते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के अनुभवी नेता शिवपाल सिंह यादव ने 1992 में मुलायम सिंह यादव सरकार द्वारा कारसेवकों की गोली चलाकर नृशंस हत्या को सही ठहरा रहे हैं। यह बात उन्होंने मीडिया को सम्बोधित करते हुए कही। इससे पहले सपा के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्या (Swami Prasad Maurya) ने भी कुछ इसी तरह का शर्मनाक बयान दिया था।

 

स्वामी प्रसाद मौर्या तो लगातार सनातन धर्म के धार्मिक प्रतीकों का उपहास करते रहते हैं। आखिर समाजवादी पार्टी के मुखिया एवं मुलायम सिंह यादव के सुपुत्र अखिलेश यादव इस तरह के बयानों का संज्ञान लेकर इन नेताओं पर कोई कार्यवाही क्यों नहीं कर रहे हैं? क्या अखिलेश यादव इन शर्मनाक बयानों पर मौन समर्थन दे रहे हैं?

 

भाजपा दिल्ली (BJP Delhi) के नेता रवि तिवारी (Ravi Tiwari) ने स्वामी प्रसाद मौर्य को भी लताड़ा और कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य जिस तरह से सनातन प्रतीकों का अपमान करते हैं एवं रामचरितमानस को जलाने की बात करते हैं, क्या अखिलेश यादव भी उनके बयान से इत्तेफाक रखते हैं? क्या सम्पूर्ण समाजवादी पार्टी की विचारधारा ही सनातन विरोधी हो चुकी है? एक तरफ तो अखिलेश यादव भगवान श्रीकृष्ण को अपना कुलदेवता बताते हैं एवं दूसरी ओर उन्ही पार्टी के नेता अवतारों और संतों पर सार्वजनिक रूप से अपमानजनक टिप्पणियाँ करते हुए पाए जाते हैं।

22 जनवरी को होगा राममंदिर (Ram Mandir) का शुभांजन - एक ऐतिहासिक पल

 

22 जनवरी 2024 को अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का भव्य समारोह होने जा रहा है। यह समारोह हिंदू धर्म के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होगा, लेकिन विपक्षी नेता इस समारोह को लेकर लगातार नकारात्मक बयानबाजी कर रहे हैं।

शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) ने किया कारसेवकों पर गोली चलाने के निर्णय का बचाव

 

भाजपा दिल्ली (BJP Delhi) के नेता रवि तिवारी (Ravi Tiwari) ने कहा कि समाजवादी पार्टी (Samajwadi Paty) के नेता और महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्या (Swami Prasad Maurya) ने हाल ही में कहा कि बाबरी मस्जिद (Babri Masjid) के विध्वंस को सही ठहराना गलत है। उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद का विध्वंस एक संवैधानिक अपराध था। इसके अलावा, शिवपाल सिंह यादव ने भी कारसेवकों पर गोली चलाने के आदेश को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुलायम सिंह यादव सरकार (Mulayam Singh Yadav) ने कारसेवकों पर गोली चलाने का एकदम सही निर्णय दिया था।

 

भाजपा दिल्ली (BJP Delhi) के नेता रवि तिवारी (Ravi Tiwari) ने कहा कि विपक्षी नेताओं की इस बयानबाजी से कई सवाल उठते हैं। क्या इन नेताओं को श्रीराम से घृणा है? या फिर राम मंदिर के इन्हें दिक्कत है? कल तक यही नेता भाजपा पर आरोप लगाने के अंदाज में बोल रहे थे कि मंदिर वहीं बनाएंगे पर तारीख नहीं बतायेंगे। पर अब जब प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बनकर तैयार हो गया है और रामलला अपने महल में विराजमान होने जा रहे हैं तो यही नेता अब आरोप लगा रहे हैं कि मंदिर निर्माण गलत है।

दोगलापन या राजनीति? असमंजस में जनता

 

भाजपा दिल्ली (BJP Delhi) के नेता रवि तिवारी (Ravi Tiwari) ने कहा कि इस तरह का दोगला चरित्र दिखाकर देश की जनता के समक्ष यह किस तरह का उदारहण प्रस्तुत कर रहे हैं? क्या यह दर्शाता नहीं है कि इन नेताओं की कोई ईमानदारी नहीं है?

 

विपक्षी नेताओं की इस बयानबाजी का एकमात्र कारण उनकी दलगत राजनीति है। वे जानते हैं कि राम मंदिर हिंदू समाज के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। इसलिए वे इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि राम मंदिर के विरोध में हिंदू समाज में असंतोष पैदा हो जाए।

 

लेकिन विपक्षी नेताओं की इस कोशिश को देश की जनता समझ रही है। जनता जानती है कि राम मंदिर का निर्माण एक ऐतिहासिक आवश्यकता थी। इस मंदिर के निर्माण से देश में धार्मिक सद्भाव और शांति बढ़ेगी।

भाजपा दिल्ली (BJP Delhi) के नेता रवि तिवारी (Ravi Tiwari) ने दिया शांति और सद्भावना का सन्देश

 

भाजपा दिल्ली (BJP Delhi) के नेता रवि तिवारी (Ravi Tiwari) ने कहा कि 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का समारोह देश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होगा। इस समारोह के साथ ही राम मंदिर का निर्माण पूर्ण होगा। यह समारोह सभी हिंदुओं के लिए एक खुशी का अवसर है।

 

विपक्षी नेताओं की राम मंदिर विरोधी बयानबाजी इस समारोह के उत्सव को खराब करने की कोशिश है। लेकिन देश की जनता इस तरह की कोशिशों को नाकाम कर देगी।

विपक्षी नेताओं को चाहिए कि वे राम मंदिर के विरोध की जगह इस समारोह को सफल बनाने में अपना सहयोग दें। उन्हें चाहिए कि वे देश की जनता के साथ मिलकर इस ऐतिहासिक क्षण का आनंद लें।