बीजेपी नेता रवि तिवारी (Ravi Tiwary) ने स्वच्छ भारत अभियान की तारीफ की

भारतीय जनता पार्टी के उभरते हुए नेता रवि तिवारी (Ravi Tiwary) ने स्वच्छ भारत अभियान की सफलता के लिए भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को धन्यवाद दिया। कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए उन्होंने इस अभियान के स्वरूप, चुनौतियों और सफलता के बारे में विस्तार से चर्चा की। आप पाठकों के समक्ष पेश है बातचीत के कुछ प्रमुख अंश:

स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालय निर्माण

 

रवि तिवारी (Ravi Tiwary) ने बताया कि स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत 2014 से अब तक भारत में 12 करोड़ से अधिक शौचालय बनवाये गए हैं। आजादी के बाद से हमारा भारत देश स्वच्छता के पैमाने पर पिछड़ा ही था। चाहे आप हमारे शहरों का हाल देख लीजिये 2014 से पहले हमारे शहर काफी अल्प विकसित थे। कई बड़े महानगरों में तो साफ और स्वच्छ सड़के तक नहीं थी।

 

यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कार्यकाल में देश में स्वच्छता के पैमाने पर बहुत सारे कार्य हुए हैं, जिनमे शहरों का जीर्णोद्धार, सड़कों का चौड़ीकरण एवं सबसे अधिक महत्वपूर्ण शौचालय निर्माण को प्राथमिकता दी गयी है।

खुले में शौच से मुक्ति एवं महिलाओं को सम्मान

 

नारी को सशक्त बनाने एवं महिलाओं को सम्मान के साथ जीवन यापन करने के सम्बन्ध में रवि तिवारी (Ravi Tiwary) ने बताया कि इस योजना से भारत को खुले में शौच की समस्या से निजात मिली है। विशेषकर हमारी माँ, बहू एवं बेटियाँ को भी अपमानजनक परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता है।

 

अब शौच से निवृत्त होने की सुविधा उनके लिए घर पर ही मिल गयी है। घर की महिलाओ को शौच के लिए बाहर जाने की परिस्थिति में स्थानीय लफंगो से भी दो-चार होना पड़ता था। इस कदम से महिलाओ की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उनके आत्मसम्मान एवं गौरव में वृद्धि की गयी है।

स्वच्छ भारत अभियान का आरंभ

 

बीजेपी नेता रवि तिवारी (Ravi Tiwary) ने आगे बताया कि मोदी जी ने 2014 में शपथ ग्रहण के वक्त ही महिलाओं की सुरक्षा एवं सम्मान और भारत को स्वच्छ बनाने को प्राथमिक सूची में रखा था। इसी के तहत उन्होंने स्वच्छता को एक जन आंदोलन का रूप दे दिया। देश को स्वच्छ बनाने की जिम्मेदारी न सिर्फ सरकार पर बल्कि जनता पर भी डाली गयी। इस योजना में जनता से पूरा सहयोग लिया गया और देश की जनता ने भी मोदी जी को पूरा प्यार और आशीर्वाद दिया एक स्वच्छ भारत बनाने की दिशा में।

 

आप पाएंगे कि 2014 के पश्चात् न सिर्फ सरकार के स्तर से बल्कि जनता में भी यह जागरूकता फ़ैल चुकी है कि अपने गॉँव या शहर को गन्दा नहीं करना है और इनको स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी सरकार से ज्यादा हमारी है। यदि इस महान कार्य में जनता का सहयोग न होता तो आज हम जिस स्वच्छ एवं भव्य भारत के दर्शन कर रहे हैं वह कभी भी न होता।

2014 के पहले इस दिशा में सुधार कार्यक्रम क्यों नहीं किये गए थे?

 

बीजेपी नेता रवि तिवारी (Ravi Tiwary) ने खुलासा किया कि इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से ही हमारा देश विभिन्न चुनौतियों से जूझता रहा है। आजादी के बाद के कई वर्षो तक भी हमारा देश एक स्थिरता प्राप्त करने के लिए संघर्ष करता रहा था।

 

उदहारण स्वरूप कई युद्ध हमारे पडोसी देशों के द्वारा हम पर थोपे गए जिसका खर्च वहन करने की स्थिति में हमारा देश बिलकुल भी नहीं था। फिर भी हमने अदम्य साहस और धैर्य का परिचय देते हुये उन कठिन परिस्थितियों का दृढ़निश्चय से सामना किया और बाहर निकले।

 

परन्तु यहाँ पर यह भी ध्यान देने योग्य बात है कि हमारे साथ या हमारे बाद भी बहुत सारे देशों ने अंग्रेजो की गुलामी से आजादी पाई थी। वो सारे देश आज हमसे कई गुना ज्यादा विकसित हो चुके हैं उनकी अर्थव्यवस्था भी हमसे बेहतर हालत में है।

 

उन देशो की प्रति व्यक्ति आय भी हमारे देश से कही उच्च कोटि की है। परन्तु हमारा देश आज भी मूलभूत समस्याओ से ही पार पाने की कोशिश में लगा हुआ है। जैसे स्वच्छ सड़के, पीने के लिए साफ पानी, खुले में शौच से मुक्ति इत्यादि।

 

आज भी आजादी वर्षो के पश्चात् भी मोदी जी को यह योजना बनानी पड़ रही है कि देश को खुले में शौच से मुक्ति कैसे दिलाई जाये? यदि पिछली सरकारों ने थोड़ा सा और गंभीरता पूर्वक देश की भलाई और तरक्की के लिए प्रयास किया होता तो आज मोदी जी किसी अन्य दिशा में कार्य कर रहे होते और हमारा देश भारत विश्व पटल पर अपनी अलग और गहरी छाप छोड़ने के लिए प्रयासरत होता।

 

परन्तु देश का दुर्भाग्य है कि हमसे कई छोटे-छोटे देश आज अपनी मूलभूत आवश्यकताओं से आगे निकलकर पूरे विश्व में एक अलग योजना के साथ एक प्रभुत्व बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और हम इन्ही छोटी मोटी बातों जैसे बेरोजगारी गरीबी महंगाई में ही उलझे हैं।

 

सब कुछ है हमारे पास जनशक्ति, प्राकृतिक संसाधन और देशप्रेम की भावना, लेकिन हमारे पिछड़े होने की वजह सिर्फ और सिर्फ 2014 के पूर्व का हमारा अयोग्य केंद्रीय राजनैतिक नेतृत्व है।